जमशेदपुर के टेल्को स्थित बारिनगर में आठवीं चैंपियंस ट्रॉफी डे-नाइट फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हो चुका है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन पोटका के विधायक संजीव सरदार ने किया। आयोजन बारिनगर फ्रेंड्स क्लब की ओर से किया जा रहा है, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आईं 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट का पहला मैच उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद खेला गया, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
आठवीं चैंपियंस ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ और मुख्य अतिथि का संबोधन
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक संजीव सरदार ने मैदान पर पहुंचकर सभी 32 टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। विधायक ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की खेल नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
विधायक सरदार ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग ले रही सभी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना से खेलने की अपील की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
खिलाड़ियों के लिए अवसर और सरकारी सहयोग
झारखंड सरकार ने बीते वर्षों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति, छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। झारखंड खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। बारिनगर जैसे स्थानीय स्तर के आयोजन इन्हीं नीतियों को जमीनी स्तर पर साकार करने का काम करते हैं। यहां से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

फुटबॉल झारखंड के जनजातीय बाहुल्य इलाकों में बेहद लोकप्रिय है। कोल्हान प्रमंडल ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर दिए हैं। चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट इस परंपरा को जीवंत रखते हैं। डे-नाइट फॉर्मेट होने के कारण कामकाजी युवा और छात्र भी शाम को मैच देखने पहुंचते हैं, जिससे दर्शकों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। आयोजकों ने मैदान में लाइटिंग, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
आयोजन समिति की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
इस सफल आयोजन के पीछे बारिनगर फ्रेंड्स क्लब के सदस्यों की महीनों की मेहनत है। आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों में गुलफाम, नासर इमाम, तबरेज, मुन्ना और असगर खान सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सदस्यों ने टीमों के पंजीकरण, आवास, भोजन और मैदान व्यवस्था की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। असगर खान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस बार टूर्नामेंट में पुरस्कार राशि बढ़ाई गई है ताकि अधिक से अधिक मजबूत टीमें भाग लें।
समिति का लक्ष्य इस टूर्नामेंट को राज्य स्तरीय पहचान दिलाना है। अगले वर्ष से इसमें पड़ोसी राज्यों बंगाल और ओडिशा की टीमों को भी आमंत्रित करने की योजना है। बारिनगर का यह मैदान फुटबॉल की नर्सरी के रूप में विख्यात रहा है। यहां की मिट्टी ने कई दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं। वर्तमान टूर्नामेंट उसी विरासत को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। दर्शकों को अगले कुछ दिनों तक हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे। फाइनल मुकाबला दूधिया रोशनी में खेला जाएगा, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।

