धार. मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में सड़क पर विवाद के बाद एक कार चालक की कथित खतरनाक हरकत का मामला सामने आया है. आरोप है कि कार की चपेट में आने से एक व्यक्ति के पैर में चोट लगने के बाद हुए विवाद के दौरान चालक ने पिता और उनके बेटे को कार के बोनट पर लटकाए रखा और करीब चार किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाता रहा. इस दौरान दोनों ने चालक से गाड़ी रोकने की गुहार लगाई, लेकिन वह नहीं रुका. आखिरकार ग्रामीणों ने पीछा कर कार को रुकवाया. घटना के बाद पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
पैर पर कार चढ़ने के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, घटना कुक्षी क्षेत्र की बताई जा रही है. बताया गया है कि कार की चपेट में आने से एक पिता के पैर में चोट लग गई थी. इस बात को लेकर कार चालक और पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया. विवाद बढ़ने के बाद स्थिति ऐसी बन गई कि पिता और बेटा कार के बोनट पर पहुंच गए.
आरोप है कि चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे आगे बढ़ा दिया. पिता-पुत्र बोनट पर लटके रहे और चालक कार दौड़ाता रहा. सड़क पर इस तरह की घटना से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही. यदि कार अचानक मुड़ जाती या तेज गति से चलती, तो दोनों गंभीर रूप से घायल हो सकते थे.
करीब चार किलोमीटर तक चलती रही कार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक ने पिता-पुत्र को बोनट पर लटकाए हुए लगभग चार किलोमीटर तक गाड़ी चलाई. इस दौरान दोनों चालक से वाहन रोकने की अपील करते रहे. लेकिन आरोप है कि चालक ने उनकी गुहार पर ध्यान नहीं दिया.
चलती कार के बोनट पर फंसे पिता-पुत्र की स्थिति बेहद जोखिम भरी थी. आसपास से गुजर रहे लोगों के लिए भी यह दृश्य चिंता का कारण बना. किसी भी समय संतुलन बिगड़ने से दोनों सड़क पर गिर सकते थे और गंभीर दुर्घटना हो सकती थी.
ग्रामीणों ने पीछा कर रुकवाई कार
घटना की जानकारी मिलने और पिता-पुत्र को कार के बोनट पर लटका देखने के बाद ग्रामीणों ने वाहन का पीछा किया. बताया गया है कि लोगों ने लोनिया फाटा के पास कार को रोक लिया. इसके बाद पिता-पुत्र को राहत मिली और मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची.
ग्रामीणों की तत्परता के कारण कार को रोका जा सका. यदि समय रहते वाहन नहीं रुकता, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी. हालांकि, घटना के दौरान पिता-पुत्र को कितनी चोटें आईं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.
नशे में होने की चर्चा, पुलिस की पुष्टि नहीं
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच चालक के नशे में होने की चर्चा भी सामने आई. हालांकि, पुलिस की ओर से चालक के नशे में होने की पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए इस पहलू को फिलहाल आरोप या स्थानीय लोगों के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है. चालक की स्थिति और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
कार जब्त, चालक के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कार जब्त कर ली है और चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और विवाद की परिस्थितियों की जांच कर रही है.
यह घटना सड़क पर मामूली विवाद के दौरान संयम बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है. किसी भी विवाद में वाहन का इस्तेमाल इस तरह करना दूसरे लोगों की जान को गंभीर खतरे में डाल सकता है. अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद किस तरह बढ़ा, चालक ने कार क्यों नहीं रोकी और घटना के दौरान पिता-पुत्र की सुरक्षा को खतरे में डालने की परिस्थितियां क्या थीं.

