मुंबई. एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में हथियारों की सप्लाई को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मुंबई पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और 20 कारतूस अमृतसर से जुटाए गए थे. हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21) और सुमित (19) पर लॉरेंस गैंग के सदस्य अनिल पंडित के निर्देश पर हथियार जुटाने का आरोप है. उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) ने कथित तौर पर इन्हें मुंबई पहुंचाया. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को चारों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले फायरिंग के मामले में तीन संदिग्धों को कोटा से पकड़ा गया था.
जेल से बाहर आने के बाद गैंग के संपर्क में आया कुणाल
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था. इसके बाद एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात लॉरेंस गैंग के सदस्य अनिल पंडित से हुई. दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे. पुलिस को शक है कि विदेश में मौजूद अनिल अपने नेटवर्क के जरिए वारदात को अंजाम देने के निर्देश दे रहा था. करीब दो सप्ताह पहले उसने कुणाल को अमृतसर से हथियार जुटाकर मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी. इसके बाद कुणाल ने सुमित को भी इस काम में शामिल कर लिया.
डेड लेटर बॉक्स के जरिए मिले हथियार
सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर पहुंचे, जहां एक निर्धारित स्थान पर पिस्टल और 20 कारतूस रखे गए थे. दोनों ने वहां से हथियार उठा लिए. पुलिस के अनुसार, उन्हें यह नहीं बताया गया था कि हथियार किसने वहां रखे थे. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस तरीके का इस्तेमाल सीधे संपर्क से बचने और पहचान छिपाने के लिए किया गया. इसे डेड लेटर बॉक्स कहा जाता है. आरोप है कि हथियारों की व्यवस्था और उन्हें पहुंचाने के लिए अनिल पंडित ने 70 से 80 हजार रुपये दिए थे. इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपये राधा और बबीता को दिए गए.
ट्रेन से मुंबई पहुंचाई गई पिस्टल
जांच के अनुसार, कुणाल की राधा से करीब दो महीने पहले मुलाकात हुई थी. दोनों महिलाएं सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं. पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने उन्हें हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया. 15 अक्टूबर को वह दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा. पिस्टल कथित तौर पर राधा के बैग में रखी गई थी, जिसके बाद दोनों ट्रेन से मुंबई रवाना हो गईं. यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में रहा और महिलाओं को निर्देश देता रहा.
दादर स्टेशन पहुंचने के बाद नाबालिग ले गया बैग
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया. जांचकर्ताओं को संदेह है कि बैग में रखी पिस्टल का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में किया गया था. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बैग लेने वाला लड़का वही नाबालिग है या नहीं, जिसे इस मामले में कोटा से गिरफ्तार किया गया है.
फायरिंग के बाद शूटरों को निकालने की जिम्मेदारी
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट आई. आरोप है कि घटना के बाद अनिल पंडित ने कुणाल से संपर्क कर बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं. इसके बाद उन्हें शहर से बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया. उसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुईं. पुलिस अब महिलाओं की यात्रा, हथियारों की सप्लाई और फायरिंग के बाद आरोपियों की आवाजाही के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है. मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी.

