नागा साधु की पिटाई: बोकारो में तनाव का माहौल
नागा साधु की पिटाई का मामला बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र में गरमा गया है। गरगा पुल के पास स्थित शनि मंदिर में रहने वाले नागा साधु दिगंबर रघुवर पुरी दास के साथ मारपीट की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। पुलिस प्रशासन के लिए यह घटना कानून व्यवस्था की बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
घटना का विवरण
बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र में गरगा पुल के पास स्थित शनि मंदिर में रहने वाले नागा साधु दिगंबर रघुवर पुरी दास की कुछ युवकों ने जमकर पिटाई कर दी। विवाद के दौरान युवकों ने साधु कार को भी तोड़ दिया। वहीं, मारपीट का वीडियो बना रहे एक युवक के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया।
पुलिस कार्रवाई और भीड़ का हमला
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुंवर सिंह कॉलोनी के पास से एक आरोपी युवक को हिरासत में लिया और उसे घटनास्थल पर लेकर पहुंची। इसी दौरान जब पुलिस आरोपी को थाने ले जाने लगी, तो वहां मौजूद भीड़ ने युवक पर हमला कर दिया और उसकी जमकर पिटाई करने लगी। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को भीड़ से बचाया और थाने ले गई।
पीड़ित साधु और पुलिस का बयान
मारपीट में घायल नागा साधु को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पीड़ित नागा बाबा ने बताया कि पंप से तेल लेकर निकले थे। इसी दौरान युवकों से कहा सुनी हुई थी। गाड़ी में साथ बैठे व्यक्ति से हाथा पाई हो गई। उसके बाद युवकों के अन्य सहयोगी पहुँचे और मारपीट की।
डीएसपी सिटी राजीव रंजन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया है। विवाद की असली वजह का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के साथ मारपीट हुई है, तो इसकी भी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी पहलू और आगे की कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने की संभावना है। साधु पर हमला, गाड़ी में तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए जा सकते हैं। वहीं, पुलिस कस्टडी में आरोपी की पिटाई करने वाली भीड़ पर भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। डीएसपी राजीव रंजन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर झारखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासनिक स्तर पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अन्य आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। अधिक जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
सामाजिक प्रतिक्रिया और शांति की अपील
घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और साधु-संतों ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की है। वहीं, जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इलाके में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन तनाव बरकरार है।

