*सेवा मुक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर से कार्य ले रहा शिक्षा विभाग*
*संविदा समाप्ति के बाबजूद कार्यालय में ऑपरेटर के आने से हुए वेतन घोटाले की संभावना*
वित्तीय अनियमितता की संभावना से नहीं किया
जा सकता इनकार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बीरपुर बेगूसराय
17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) बेगूसराय। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् पटना के आदेश के आलोक में प्रखंड शैक्षणिक आंकड़ा प्रबंधन केन्द्र में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर की संविदा आउट सोर्सिंग कम्पनी के द्वारा समाप्त कर दी गई है। माह सितम्बर में सेवा मुक्त होने के बावजूद प्रखंड से लेकर जिला शिक्षा कार्यालय में लगातार डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित होकर कार्य कर रहे हैं। पूरे राज्य में ऑपरेटर के द्वारा फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर अवैध वेतन निकासी का मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। अनेकों जिलों में ऑपरेटर पर प्राथमिकी दर्ज़ कर कार्रवाई की जा रही है। शिक्षा विभाग के आला अधिकारी राज्य के सभी जिलों में जाँच जारी है। इस जिला में भी कार्यमुक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर के लगातार कार्यालय में बने रहने को लेकर बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (गोप गुट) बेगूसराय के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि सेवा मुक्त ऑपरेटर के लगातार जिला शिक्षा कार्यालय आने से अन्य जिलों की भाँति वेतन घोटाले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। जब नियोक्ता कम्पनी के द्वारा संविदा समाप्त की जा चुकी है, फिर जिला कार्यालय में उन्हें बुलाकर कार्य संपादित कराया जाना कहीं से विधिसम्मत नहीं है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि अविलंब सेवा मुक्त कर्मियों के प्रखण्ड से लेकर जिला तक कार्यालयों में उनके प्रवेश पर रोक लगाई जाए। इन कर्मियों के द्वारा पूर्व में भी लंबे समय तक प्रखंड से लेकर जिला कार्यालय तक शिक्षकों का दोहन-शोषण किया गया है। यदि संविदा समाप्त होने के बावजूद कर्मी कार्यालय आते हैं तो संघ के द्वारा आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
