लेखक: इंद्र यादव
वाढवण बंदरगाह का निर्माण 76,200 करोड़ रुपये के विशाल बजट से दो चरणों में शुरू हो चुका है, जिससे भारत की समुद्री तस्वीर बदलने वाली है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) अब देश का सबसे व्यस्त बंदरगाह होने के बावजूद नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है। चेयरमैन गौरव दयाल ने बड़ी घोषणा की है कि इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
वाढवण बंदरगाह: दो चरणों में निर्माण की समयसीमा
गौरव दयाल ने बताया कि पहले चरण का काम 2026 से 2030 तक पूरा होगा। उसके बाद दूसरे चरण में 2030 से 2033 तक सारा निर्माण समाप्त कर दिया जाएगा। दोनों फेज पूरे होते ही लोडिंग-अनलोडिंग का समय काफी कम हो जाएगा। इससे व्यापारियों का समय बचेगा और भारी भरकम लागत में भी बचत होगी। सीधे शब्दों में कहें तो जहाजों से माल उतरने और चढ़ने की प्रक्रिया पहले से कहीं तेज और आसान हो जाएगी।
डिजिटल ऑटोमेशन और ट्रैफिक समाधान
जेएनपीए चेयरमैन ने आगे बताया कि पिछले एक साल से पोर्ट पर ऑपरेशनल सिस्टम को आधुनिक बनाने का काम तेजी से चल रहा है। डिजिटल ऑटोमेशन और ऑटो-मॉड सिस्टम के जरिए जहाजों के संचालन को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। इसका मतलब है कि कागजी प्रक्रियाएं कम होंगी और काम ज्यादा स्मार्ट तरीके से होगा।
ट्रैफिक की समस्या भी अब दूर होने वाली है। पोर्ट से सड़क मार्ग पर माल आने-जाने के दौरान भारी जाम की शिकायतें आम हो गई थीं। इसे खत्म करने के लिए टर्मिनल डीपी वर्ल्ड और एनएसआईटीसी से अटल सेतु तक दूसरा लिंक रोड बनाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट का बजट करीब 2,000 करोड़ रुपये रखा गया है। अभी इसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है और काम 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। JNPA आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है।
व्यापार क्षमता में विस्तार
गौरव दयाल ने बताया कि फिलहाल जेएनपीए से अमेरिका, यूरोप समेत करीब दो सौ देशों के साथ आयात-निर्यात हो रहा है। आने वाले समय में और देशों से व्यापार बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। वाढवण बंदरगाह के तैयार होने के बाद यह क्षमता और बढ़ेगी।
निष्कर्ष: वाढवण बंदरगाह बनेगा महत्वपूर्ण समुद्री हब
यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक नया बंदरगाह बनाने का काम नहीं है। यह भारत के समुद्री व्यापार को तेज, आधुनिक और जाम-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। 76,200 करोड़ का निवेश, दो चरणों का तय कार्यक्रम और ट्रैफिक सुगमता के लिए नया लिंक रोड—ये सब मिलकर वाढवण को देश के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री हब में बदलने वाले हैं।

