मानगो की सफाई पर सियासत गरमाई
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मेयर समर्थकों का सरयू राय पर पलटवार, ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप
27 जुलाई के प्रस्तावित धरने से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज, विधायक की मंशा पर उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। मानगो की सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। 27 जुलाई को विधायक सरयू राय द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता के समर्थकों ने मोर्चा खोलते हुए विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव एवं नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि यह आंदोलन जनहित के लिए नहीं, बल्कि एक पसंदीदा संवेदक (ठेकेदार) के रुके हुए बिल का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास है।
ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि मानगो में वर्तमान समय में मेयर सुधा गुप्ता के नेतृत्व में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। टाटा स्टील यूटिलिटी सर्विसेज (टीएसयूएस) द्वारा भी नालों की सफाई तेजी से कराई जा रही है। ऐसे समय में सफाई व्यवस्था को मुद्दा बनाकर आंदोलन करना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सरयू राय लगातार नगर निगम पर दबाव बनाकर अपने पसंदीदा संवेदकों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि जनता की समस्याओं की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है और मानगो की जनता को गुमराह किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान ओम प्रकाश सिंह ने जीएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। साथ ही कुछ निविदाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की निविदा प्रक्रिया में कई गंभीर प्रक्रियागत खामियां रही हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
फिलहाल विधायक सरयू राय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में 27 जुलाई को प्रस्तावित धरने को लेकर मानगो की राजनीति और अधिक गर्माने के आसार हैं।
*बॉक्स*
प्रेस वार्ता की प्रमुख बातें
विधायक सरयू राय पर पसंदीदा ठेकेदार का बिल पास कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप।
मेयर सुधा गुप्ता के नेतृत्व में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलने का दावा।
टीएसयूएस द्वारा नालों की सफाई तेज होने की बात कही।
निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग।

