छात्रों के मुद्दे पर भाजपा का विरोध मार्च, राहुल गांधी का पुतला दहन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। भाजपा जमशेदपुर महानगर ने शुक्रवार को कांग्रेस के कथित दोहरे रवैए और झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय के विरोध में साकची स्थित पार्टी कार्यालय से जुबली पार्क गोलचक्कर तक विरोध मार्च निकाला और राहुल गांधी का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने किया।
इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाती है, लेकिन झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी और जेएसी से जुड़े कथित पेपर लीक एवं भर्ती घोटालों पर मौन रहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून और सख्त कार्रवाई की व्यवस्था की है।
महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि झारखंड के युवा निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहते हैं, जबकि राज्य सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की।
भाजपा ने कहा कि विरोध कार्यक्रम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, बिनोद सिंह, गुंजन यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता मिश्रा, कुलवंत सिंह ‘बंटी’, हलधर नारायण साह, जटाशंकर पांडे, वरिष्ठ कार्यकर्ता पवन अग्रवाल, हरिकिशोर तिवारी, मनोज सिंह, जिला पदाधिकारी अमरजीत सिंह ‘राजा’, राजीव सिंह, कृष्णा शर्मा, संजीत चौरसिया, मंडल अध्यक्ष बिनोद राय, रंजीत सिंह, कुमार अभिषेक, उपेन्द्र गिरी, प्रशांत पोद्दार, मारुति नंदन पांडे, आनंद कुमार, अमित मिश्रा, सुमित शर्मा, नीरज शर्मा, राकेश चौबे, रितेश झा, सोशल मीडिया एवं आईटी सेल से ज्ञान प्रकाश, उज्ज्वल सिंह, किशोर ओझा, अमित सिंह, युवा मोर्चा से अमित अग्रवाल, अमिताभ सेनापति, नीतीश कुशवाहा, शशांक शेखर, अभिमन्यु सिंह, शैलेश गुप्ता, मनोज बाजपेयी, चिन्टू सिंह, प्रकाश दुबे, महिला मोर्चा से कुसुम पूर्ति, प्रीति सिन्हा, जया शर्मा, सीमा दास, मीरा शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

