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    Home » यूसीएल अस्पताल में दवा संकट: मरीजों को नहीं मिल रही दवा, KK फार्मा पर गंभीर आरोप
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    यूसीएल अस्पताल में दवा संकट: मरीजों को नहीं मिल रही दवा, KK फार्मा पर गंभीर आरोप

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 18, 2026No Comments4 Mins Read
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    दवा
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    लेखक: राष्ट्र संवाद

    यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी यूसीएल के अस्पताल में दवा की किल्लत ने मरीजों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी KK फार्मा को 2 साल के लिए 16 करोड़ रुपये का दवा सप्लाई टेंडर दिया था। सप्लाई 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई। एक साल में प्रबंधन ने लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल पा रही है।

    7 से 10 दिन तक दवा के लिए चक्कर, जरूरी दवा भी नहीं मिली

    अस्पताल आने वाले स्थाई कर्मियों और रिटायर्ड कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले 1 साल में कई बार 7 से 10 दिनों तक जरूरी दवाएं तक नहीं मिलीं। मजबूरी में यूसीएल के स्थाई कर्मियों को अधिकतर दवा बाहर की दुकानों से खरीदनी पड़ी। उसका भुगतान बाद में यूसीएल प्रबंधन ने किया। वहीं रिटायर्ड कर्मी बार-बार अस्पताल आकर दवा के लिए भटक कर लौट जा रहे हैं। दवा नहीं मिलने के कारण बुजुर्ग मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं।

    ब्रांडेड की जगह जेनेरिक और दूसरी कंपनी की दवा देने का आरोप

    संयुक्त यूनियन ने कई बार KK फार्मा को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई ब्रांडेड दवा नहीं देकर उसकी जगह दूसरी कंपनी की दवा थमा दी जाती है। कई बार जेनेरिक दवा भी दे दी जाती है। टेंडर लेते समय KK फार्मा ने 28% की भारी छूट देकर ठेका लिया था। यूसीएल प्रबंधन से करार में ब्रांडेड दवा देने की बात तय हुई थी, लेकिन ठेका मिलने के बाद से ही मरीजों को परेशानी शुरू हो गई। संयुक्त यूनियन का यह भी आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही आउटसोर्सिंग कंपनी मरीजों के साथ दवा के मामले में भेदभाव कर रही है।

    सीएमओ बोले- फाइन लगाया, लिखित शिकायत दें

    इस मामले को लेकर यूसीएल के सीएमओ डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि “दवा सही समय पर नहीं देने को लेकर दवा कंपनी पर कई बार फाइन लगाया जा चुका है। अगर किसी मरीज को कोई शिकायत है तो वह लिखित में दे, उस पर कार्रवाई की जाएगी।” सूत्रों के अनुसार दवा को लेकर मरीजों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। इस शिकायत को लेकर यूसीएल के सीएमडी से भी कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। यूसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, “हमारी जरूरी दवा भी 7 दिन में नहीं मिल पा रही है। बाहर से खरीद कर इलाज कराना पड़ रहा है। स्थिति बेहद खराब है।” यूसीएल आधिकारिक वेबसाइट

    रेफरल में भी गड़बड़ी का आरोप

    मरीजों का कहना है कि इस बार अधिकतर मरीजों को इलाज के लिए कोलकाता के डिशान हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। जबकि कई मरीज बेलूर सीएससी के हैं, उन्हें वहां रेफर नहीं किया जा रहा। मरीजों ने इसकी भी जांच की मांग की है।

    भाजपा ने दी थी धरने की चेतावनी

    दवा की बदहाली और अस्पताल की बदतर स्थिति को लेकर भाजपा ने 9 जुलाई को धरना देने की चेतावनी दी थी। यूसीएल प्रबंधन के सुधार के आश्वासन के बाद धरना टाल दिया गया था, लेकिन एक महीने बाद भी जमीन पर कोई सुधार नहीं दिख रहा। इससे भाजपा नेताओं में भी नाराजगी है।

    फिलहाल स्थिति यह है कि यूसीएल प्रबंधन KK फार्मा को करोड़ों का भुगतान कर रहा है, लेकिन अस्पताल पहुंच रहे मरीज खाली हाथ लौट रहे हैं। दवा नहीं मिलने से लोगों में भारी आक्रोश है। यूनियन नेताओं का कहना है कि 16 करोड़ का टेंडर देते समय यूसिल प्रबंधन के द्वारा यह शर्त रखी गई थी कि डॉक्टर के द्वारा जो दवाई लिखी जाएगी उसी कंपनी की दवाई देनी है वही 65 ब्रांडेड कंपनी का लिस्ट के के फार्मा को दिया गया था इसी कंपनी के अंदर दवाई देना है लेकिन नियम की पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है कई आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि यूसिल के तीनों सीएमओ के द्वारा मिलकर ही इसके इसको टेंडर दिलाया गया है और उन लोगों के द्वारा पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है इसकी भी जांच पड़ताल होनी चाहिए संयुक्त यूनियन ने भी इस मामले को लेकर गंभीरता से लिया है और आंदोलन करने की चेतावनी दी है। 1 साल मरीज पूरी तरह से परेशान रहे दूसरे साल मरीजों को किस प्रकार की दवाई मिलेगी यह तो समय ही बताएगा के के फार्मा के द्वारा बार-बार यूसिल प्रबंधन पर भुगतान नहीं करने का गंभीर आरोप भी लगाया जाता था लेकिन यूसिल प्रबंधन के द्वारा अब समय से भुगतान दिया जा रहा है इसके बावजूद भी के के फार्मा दवाई सप्लाई नहीं कर पा रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि अगर किसी मरीज की दवाई नहीं मिलने में मृत्यु होती है इसके लिए यूसिल प्रबंधन ,के के फार्मा ,जिम्मेदार होगा भाजपा जोरदार आंदोलन करेगी।

    केके फार्मा जादूगोड़ा झारखंड स्वास्थ्य दवा संकट यूसीएल अस्पताल
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