जेडआरयूसीसी बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो ने उठाए रेल सुविधाओं के कई मुद्दे, टाटानगर से ट्रेनें नहीं होंगी स्थानांतरित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोलकाता। दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 106वीं बैठक बुधवार को कोलकाता के ताज बंगाल होटल में सांसद विद्युत वरण महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो ने चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों के समय पालन में सुधार की आवश्यकता, बारीगोड़ा एवं गोविंदपुर रेल ऊपरी पुल निर्माण, सलगाजोड़ी अंडरपास, टाटानगर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर वाहन उतारने की सुविधा, मकदमपुर रेल ऊपरी पुल निर्माण तथा क्षेत्र में नई ट्रेन सेवाओं की मांग प्रमुखता से उठाई।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि टाटानगर से संचालित किसी भी ट्रेन को आदित्यपुर स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और सभी ट्रेनें पूर्ववत चलती रहेंगी। बारीगोड़ा और गोविंदपुर रेल ऊपरी पुल के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है, जबकि सलगाजोड़ी अंडरपास का कार्य नवंबर तक पूरा होने की संभावना है।
सांसद ने आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस को टाटानगर तक विस्तार, टाटा से तिरुपति-बेंगलुरु नई रेल सेवा तथा टाटा-पटना नियमित ट्रेन चलाने की मांग भी रखी। रेलवे ने बताया कि टाटानगर में टर्मिनल और रखरखाव सुविधाएं सीमित होने के कारण फिलहाल यह संभव नहीं है। हालांकि हल्दीपोखर के निकट नए कोचिंग टर्मिनल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घाटशिला स्टेशन पर गीतांजलि एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस, संतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस, समलेश्वरी एक्सप्रेस और आजाद हिंद एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी बैठक में उठाई गई। रेलवे ने बताया कि प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।
सांसद महतो ने कोरोना काल में बंद हुई स्थानीय ट्रेनों के पुनः परिचालन, कांड्रा-नामकुम रेल लाइन परियोजना को शीघ्र शुरू करने तथा दानकुनी-सूरत समर्पित मालवाहक रेल गलियारा परियोजना प्रारंभ करने पर प्रधानमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

