घाघीडीह केंद्रीय कारा, साकची जेल और संप्रेक्षण गृह का उपायुक्त ने किया निरीक्षण
राष्ट्र संवाद संवादाता
जमशेदपुर में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को केंद्रीय कारा घाघीडीह, साकची कारा और संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और बंदियों एवं किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
केंद्रीय कारा घाघीडीह के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बैरकों, भोजनालय, चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता की समीक्षा की। उन्होंने कारा प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही कौशल विकास, शिक्षा और पुनर्वास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
इसके बाद उपायुक्त ने साकची कारा का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की संख्या, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संप्रेक्षण गृह के दौरे के दौरान उपायुक्त ने वहां रह रहे किशोरों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श, मनोरंजन और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने किशोरों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों और किशोरों के सर्वांगीण विकास, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने नियमित शैक्षणिक गतिविधियों, खेलकूद और कौशल विकास प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम धालभूम, एडीसी, कारा अधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने सभी संस्थानों में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और मानवोचित सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

