जानवरों की दुनिया में खो गए युवा लाइब्रेरी के नन्हे पाठक
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क भ्रमण ने बच्चों में जगाई नई जिज्ञासा और सृजनशीलता
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जब किताबों के पन्नों से निकलकर बच्चे असली दुनिया के सामने खड़े होते हैं — तो सीखना एक उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला जब सामाजिक संस्था यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन (युवा) की ओर से संचालित युवा लाइब्रेरी, हलुदबनी के 36 बच्चों ने टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क का शैक्षणिक भ्रमण किया।
शेर की दहाड़, हिरण की चाल और रंग-बिरंगे पक्षियों की चहचहाहट के बीच इन बच्चों की आँखें जिज्ञासा से चमक उठीं। भ्रमण का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों में अवलोकन क्षमता, सृजनात्मकता और पुस्तकों के प्रति गहरी रुचि विकसित करना था।
पार्क से लौटने के बाद बच्चों ने जो किया, वह इस पूरे आयोजन की सबसे खूबसूरत उपलब्धि बनी — उन्होंने अपने अनुभवों को लेखों और चित्रों में ढाल दिया। हर चित्र में एक कहानी थी, हर लेख में एक नई दृष्टि।
युवा मोबाइल लाइब्रेरी के बच्चे भी इस भ्रमण में शामिल रहे। बच्चों का मार्गदर्शन युवा के संस्थापक अरविंद कुमार तिवारी, सचिव वर्णाली चक्रवर्ती तथा स्वयंसेवकों हेमंती गोप, कापरा मांझी और अंजना देवगम ने किया।
संस्थापक अरविंद कुमार तिवारी ने कहा — “किताबें बच्चों को कल्पना की दुनिया में ले जाती हैं और ऐसे भ्रमण उन्हें वास्तविकता से जोड़ते हैं। दोनों मिलकर एक बच्चे को सच्चा सीखने वाला इंसान बनाते हैं।”
यह एक्सपोजर विजिट बुकवर्म, गोवा के सहयोग से लाइब्रेरी मैनेजमेंट सपोर्ट कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई। युवा लाइब्रेरी, जमशेदपुर के वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुभव से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

