Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » तापमान नियंत्रण के लिए दोहा की सड़कों को नीले रंग में रंगा गया
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय

    तापमान नियंत्रण के लिए दोहा की सड़कों को नीले रंग में रंगा गया

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 4, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    दोहा: ग्लोबल वॉर्मिंग और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए दुनिया के कई देश लगातार कदम उठा रहे हैं. अब लास ऐंजिलिस, मक्का, तोक्यो के बाद दोहा ने इस दिशा में अपनी सड़कों को नीले रंग में रंगना शुरू कर दिया है. गल्फ न्यूज में प्रकाशित खबर के अनुसार, शहर के पारंपरिक पुरानी सड़कों को नीले रंग से रंगा गया है ताकि तापमान नियंत्रित किया जा सके. 18 महीने तक चले प्रयोग के बाद 19 अगस्त को शहर के एक प्रमुख रोड को पूरी तरह से नीले रंग में लॉन्च किया गया.

    शहर के व्यस्त सड़कों में से एक सौक वकीफ हैरिटेड जोन की सड़कें हैं. इस सड़क पर 1 मिमी. मोटी नीले रंग की परत चढ़ाई गई है. इसके साथ ही साइकल और पैदल यात्रियों की संख्या में वृद्धि का असर देखने के लिए 200 मीटर लंबा कटारा क्लचरल विलेज के पास भी मार्ग निर्धारित किया गया है. इन सड़कों को नीले रंग से रंगने की पीछे उद्देश्य तापमान नियंत्रण के प्रभाव को देखना है.नीली सड़कों को बनाने का उद्देश्य तापमान को नियंत्रित करना है. पारंपरिक डामर की सड़कों की तुलना में नीली कोटिंग वाली सड़कों के तापमान में कितना फर्क है, यह जानने के लिए सेंसर भी लगाए गए हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्रयोग के तौर पर की गई कोटिंग सूर्य की रेडिएशन में 50% तक की कमी दर्ज की जा सकेगी. कतर की प्रमुख सार्वजनिक कंपनी को असहघल को इस प्रॉजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपीएम मोदी पहुंचे रूस, भारतीय समुदाय के लोगों ने किया जोरदार स्वागत
    Next Article एशिया के 20 गरीब देशों की कुल जीडीपी के बराबर है 20 कारोबारियों की संपत्ति

    Related Posts

    आदिवासी समाज: भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक – विश्व आदिवासी दिवस विशेष

    August 9, 2026

    रणनीतिक कूटनीति: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण और भारत-चीन संबंध

    August 9, 2026

    विश्व आदिवासी दिवस 2026: भारत की आत्मा और प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

    August 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    आदिवासी समाज: भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक – विश्व आदिवासी दिवस विशेष

    रणनीतिक कूटनीति: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण और भारत-चीन संबंध

    विश्व आदिवासी दिवस 2026: भारत की आत्मा और प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

    अरुणाचल प्रदेश: कार्टोग्राफिक कूटनीति और भारत-चीन संबंध में रणनीतिक पहल

    IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं को संदेश: भविष्य की कमान Gen Z के हाथों में

    विश्व आदिवासी दिवस 2026: भारत की आत्मा और प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

    IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में PM मोदी का युवाओं को संदेश

    अरुणाचल प्रदेश: कार्टोग्राफिक कूटनीति से चीन को स्पष्ट संदेश, 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण

    वाढवण बंदरगाह: 76,200 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से बदलेगी भारत की समुद्री तस्वीर

    Film Expo India 2026: दिल्ली में सजेगा फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा मंच, विंदू दारा सिंह ने CM रेखा गुप्ता को दिया न्योता

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.