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    Home » किसान भाइयों के लिए आवश्यक सूचना : जिला में खाद की बिक्री में DBT पूर्णरूपेण हुआ लागु
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    किसान भाइयों के लिए आवश्यक सूचना : जिला में खाद की बिक्री में DBT पूर्णरूपेण हुआ लागु

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 15, 2023No Comments2 Mins Read
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    किसान भाइयों के लिए आवश्यक सूचना : जिला में खाद की बिक्री में DBT पूर्णरूपेण हुआ लागु

    पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी किसान भाइयों को सूचित किया जाता है कि जिला में खाद की बिक्री में DBT ( प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) पूर्णरूपेण लागु होने के पश्चात सभी पंजीकृत खुदरा उर्वरक विक्रेताओं (Retailer) द्वारा अपने बिक्री केन्द्रों से उर्वरक की बिक्री Point Of Sale (POS) मशीन, एंड्राइड फोन, डेस्कटॉप / लैपटॉप के माध्यम से कर रहे हैं। किसान भाई उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड एवं मोबाइल अवश्य लेकर जाएं साथ ही संपर्क रहित (Contactless) खरीदारी हेतु आधारकार्ड से लिंक मोबाइल OTP प्रणाली एंव भुगतान हेतु दुकान में लगे UPI-QR Code / Onilne Payment System का उपयोग करें। इस प्रणाली से भी किसानों को उर्वरक पूर्व की भांति सब्सिडी मूल्य में ही मिलेगी ।

    मुख्य लक्ष्य

    1. किसानों को सूचना के साथ पारदर्शिता जिसमें वे System Generated Receipt मोबाइल पर SMS द्वारा प्राप्त करते हैं ।

    2. किसानों द्वारा रिटेलर्स (खुदरा विक्रेता) से Point Of Sale (POS) मशीन, एंड्राइड फोन, डेस्कटॉप / लैपटॉप के माध्यम से उर्वरक की वास्तविक बिक्री होने के पश्चात ही सब्सिडी संबंधित उर्वरक निर्माताओं को निर्गत करना ।

    3. उर्वरक खाद– बिक्री प्रणाली का बेहतर निगरानी एवं योजना प्रबंधन ।

    किसान भाई अफवाहों से बचें। POS मशीन से आधार कार्ड के माध्यम से खाद खरीदने से न ही आपके बैंक एकाउन्ट से पैसे कटेंगे और न ही दूसरी सरकारी योजनाओं के लाभ से आप वंचित होंगे।

     

     

     

    नोट-

    1. Urea की प्रति बोरी 45 Kg Packsize की होती है एवं शेष उर्वरकों की बोरी 50 Kg Packsize की होती है ।

    2. यदि किसी भी खुदरा विक्रेता द्वारा उक्त निर्धारित MRP से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री की जाती है तो ऐसी स्थिति में संबंधित प्रखण्ड के प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी / प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, जिले के जिला कृषि कार्यालय तथा संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय में इसकी शिकायत की जा सकती है।

    3. यदि किसी विक्रेता द्वारा जबरन अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर – अनुदानित उर्वरकों की बिक्री की जाती है तो ऐसी स्थिति में संबंधित विक्रेता की अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए उनके विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जायेगी ।

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