इंडस्ट्रियल एरिया से दुकानें हटाएः मुख्य सचिव
सचिवों को निर्देश, सभी कानूनी स्वीकृतियों के लिए चेक लिस्ट बनाएं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कई फैसले
रांचीः मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की शिकायत के मद्देनजर इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहीं दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए उसे हटाने का निर्देश उद्योग सचिव को दिया है। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया में अस्पताल और होटलों के लिए कारखानों से हट कर स्थान तय करने का निर्देश दिया। साथ ही बिजली की कुव्यवस्था को दूर करने के लिए उसे निजी हाथों में देने की एसोसिएशन की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार इसे लेकर गंभीर है तथा जल्द ही कुछ क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था निजी हाथों में देने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव तमाम इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभा कक्ष में बैठक कर रहे थे। इस दौरान राज्य के उद्यमियों के सामने आ रही समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। साथ ही संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे सभी कानूनी स्वीकृतियों के लिए चेक लिस्ट तैयार करें।
*इज ऑफ डूइंग विजनेस के तहत लाभ लें*
मुख्य सचिव ने इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार राज्य में इज ऑफ डूइंग विजनेस के तहत लगातार रिफार्म कर रही है। उद्योग लगाने से लेकर चलाने तक की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम बहाल किया गया है। वे इसका लाभ लें, और अपना फीडबैक भी दें। अगर कमियां संज्ञान में लाई जाती हैं, तो उसके त्वरित निदान का चैनल भी विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सकारात्मक रूख के साथ सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे।
*प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क बनाएं*
एसोसिएशन द्वारा इंडस्ट्रियल पार्क के लिए सरकार से जमीन उपलब्ध कराने की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार बाजार मूल्य से चैगुने दाम पर जमीन अधिग्रहण करती है, इस स्थिति में वह उद्यमियों के लिए लाभदायक नहीं होगा। उन्होंने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि वे खुद बाजार मूल्य पर 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन खरीद कर इंडस्ट्रियल पार्क बनाएं। सरकार उसके लिए अनुदान देगी। वहीं पार्क में सभी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी।
*कामगारों का स्किल डेवलपमेंट करने में सरकार करेगी सहयोग*
इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि वे स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलें, सरकार उसमें बढ़-चढ़ कर सहयोग करेगी। इससे संबंधित सरकार की पॉलिसी भी है। ट्रेनिंग का पैसा सरकार देगी। वहीं, जरूरत होने पर सरकार भी क्वालिटी स्किल सेंटर खोलेगी। उन्होंने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस मसले पर पहले वर्कआउट कर उन्हें बताएं। वहीं इंडस्ट्रीज में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन की मांग पर एसोसिएशन को वर्क आउट कर टू द प्वायंट प्रपोजल देने को कहा गया।
*पुराने वाहनों के निबंधन में अड़चन पैदा करनेवाले पर करें कार्रवाई*
मुख्य सचिव ने पुराने वाहनों का निबंधन मूल निबंधन स्थान से कराने के लिए बाध्य करने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे अफसरों पर कार्रवाई कर उन्हें सूचित करने का निर्देश परिवहन सचिव को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर इज ऑफ डूइंग विजनेस के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में बढ़ रही है, वहीं कुछ लोग पुराने माइंड सेट में उलझे हुए हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। किसी भी नये-पुराने वाहनों का निबंधन राज्य में कहीं भी होगा।
फैक्ट्रियों के स्ट्रक्चरल वेरिफिकेशन की समस्या दूर करें
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हर साल होने वाले फैक्ट्रियों के स्ट्रक्चरल वेरिफिकेशन के दौरान अधिकारियों द्वारा समस्या खड़ी करने की शिकायत पर मुख्य सचिव ने उद्योग सचिव को इसका परमानेंट समाधान करने का निर्देश दिया। वहीं प्रदूषण प्रमाणपत्र लेने में आ रही दिक्कतों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक कर समस्या का त्वरित समाधान का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त निर्यात, जमीन तथा ऋण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर निर्णय लिए गए।
बैठक में ये थे मौजूद
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न तमाम इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के साथ बैठक में उद्योग सचिव श्री के रवि कुमार, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, आइटी सचिव श्री विनय कुमार चौबे और बिजली वितरण निगम के निदेशक श्री राहुल पुरवार आदि शामिल थे।