Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » रैयत विस्थापित मोर्चा का चक्का जाम, संगम खदान में खनन ठप
    Breaking News चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राजनीति राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    रैयत विस्थापित मोर्चा का चक्का जाम, संगम खदान में खनन ठप

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJuly 24, 2026Updated:July 24, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Screenshot
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता

    रामगढ़ जिले के भुरकुंडा संगम स्थित सीसीएल की बरका सयाल क्षेत्र अंतर्गत संगम खदान में संचालित बीएलए आर ए माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ रैयत विस्थापित मोर्चा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलन के कारण आउटसोर्सिंग कंपनी का खनन कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया।

    रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण पारंपरिक हथियार, ढोल-नगाड़ों और बैनर के साथ खदान परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए तथा कंपनी के कार्य का विरोध करते हुए चक्का जाम कर दिया। आंदोलनकारी विस्थापितों का आरोप है कि सीसीएल प्रबंधन और बीएलए आर ए माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी पिछले दो-तीन महीनों से उनकी मांगों की अनदेखी करते हुए खनन कार्य चला रही है। उनका कहना है कि रोजगार, मुआवजा एवं अन्य स्थानीय मांगों को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन और वार्ता की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया।

    विस्थापितों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आउटसोर्सिंग कंपनी का काम पूरी तरह बंद रखा जाएगा। उनका कहना है कि यदि प्रबंधन ने जल्द पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा किसी भी कीमत पर खदान में कार्य नहीं होने दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से रंजित बेसरा, किसुन नायक, शंकर मांझी, शन्नी बेसरा, बिरेंद्र मांझी, बिहारी मांझी सहित सैकड़ों रैयत एवं विस्थापित ग्रामीण शामिल रहे। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी तैनात रही।

    रैयत विस्थापित मोर्चा की प्रमुख मांगें

    आंदोलनरत रैयत विस्थापित मोर्चा की ओर से प्रबंधन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगों में स्थायी रोजगार, भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा, पुनर्वास नीति का क्रियान्वयन तथा स्थानीय विकास कार्य शामिल हैं। विस्थापितों का आरोप है कि खदान संचालन से उनकी कृषि योग्य भूमि छिन गई, लेकिन बदले में मिलने वाले लाभ से वे आज भी वंचित हैं। सीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी बीएलए आर ए माइनिंग के बीच अनुबंध की शर्तों में स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    पृष्ठभूमि: बरका सयाल क्षेत्र और विस्थापन की समस्या

    रामगढ़ जिला स्थित बरका सयाल क्षेत्र कोल इंडिया की सहायक कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) का एक प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्र है। यहां संगम खदान समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं, जिनके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया गया है। झारखंड में कोयला खनन के कारण विस्थापन एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। भू-अर्जन अधिनियम और पुनर्वास नीति के प्रावधानों के बावजूद जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं। भुरकुंडा और आसपास के गांवों के ग्रामीण लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

    आउटसोर्सिंग नीति और स्थानीय विरोध

    सीसीएल द्वारा खनन कार्य के लिए आउटसोर्सिंग कंपनियों को ठेका देने की नीति पर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि ये कंपनियां स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने के बजाय बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता देती हैं, जिससे विस्थापित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। बीएलए आर ए माइनिंग के वर्तमान अनुबंध को लेकर भी पारदर्शिता की मांग उठती रही है। जानकारों का मानना है कि जब तक कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड का समुचित उपयोग और स्थानीय समितियों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, ऐसे टकराव होते रहेंगे।

    प्रशासनिक पहल और आगे की राह

    आंदोलन की सूचना मिलते ही रामगढ़ जिला प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आए हैं। धरना स्थल पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ वार्ता के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पूर्व में भी ऐसे आंदोलन आश्वासन के बाद स्थगित हुए हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से विश्वास की कमी बनी हुई है। उपायुक्त स्तर पर त्रिपक्षीय वार्ता (प्रबंधन, प्रशासन, विस्थापित प्रतिनिधि) की मांग जोर पकड़ रही है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि समयबद्ध कार्ययोजना और मॉनिटरिंग कमेटी का गठन ही स्थायी समाधान हो सकता है।

    सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) भारत की एक प्रमुख कोयला खनन कंपनी है और कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया पर सीसीएल देखें।

    [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleडिमना डैम हादसा: दो जूनियर डॉक्टरों के शव बरामद
    Next Article रैयत विस्थापित मोर्चा का संगम खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम

    Related Posts

    टाटा पावर पर ठेका मजदूरों से बॉन्ड भरवाने का आरोप, यूनियन ने जांच की मांग उठाई

    July 24, 2026

    26 जुलाई को होगा डॉ. डी.के. मिश्रा नेफ्रो यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर का उद्घाटन

    July 24, 2026

    कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने SIR की समय सीमा 15 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की

    July 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टाटा पावर पर ठेका मजदूरों से बॉन्ड भरवाने का आरोप, यूनियन ने जांच की मांग उठाई

    26 जुलाई को होगा डॉ. डी.के. मिश्रा नेफ्रो यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर का उद्घाटन

    कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने SIR की समय सीमा 15 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की

    जमशेदपुर: टिनप्लेट सब्जी मार्केट फायरिंग मामले का खुलासा, रंगदारी गिरोह के तीन अपराधी गिरफ्तार

    बिरसानगर में दिनदहाड़े बाइक चोरी, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस

    हजारीबाग में आधी रात गूंजी गोलियों की आवाज, राहुल दुबे गैंग से पुलिस की मुठभेड़; एक के पैर में गोली, एक बदमाश गिरफ्तार

    रांची मांडर थाना क्षेत्र में गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. संत जेवियर्स स्कूल मिशन के बाहर

    मेडिट्रीना अस्पताल में आईसीयू वार्ड में आग, सभी सुरक्षित

    आईसीयू (ICU) वार्ड में अचानक आग लग गई, मरीज सुरक्षित

    रैयत विस्थापित मोर्चा का संगम खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.